नई दिल्ली, जून 19 -- Quote of the day 19 June 2026, आज की चाणक्य नीति: आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में श्लोकों के माध्यम से मानव जीवन के तमाम पहलुओं का विस्तार से वर्णन किया है। नीति शास्त्र में वर्णित आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी लोग पसंद करते हैं। आचार्य चाणक्य ने तीसरे अध्याय के 11वें श्लोक में बताया है कि व्यक्ति अपनी दरिद्रता, पाप, दुख और भय को कैसे समाप्त कर सकता है। आप भी पढ़ें आचार्य चाणक्य की यह नीति।श्लोक: उद्योगे नास्ति दारिद्र्यं जपतो नास्ति पातकम्। मौने च कलहो नास्ति नास्ति जागरिते भयम् ॥ यह भी पढ़ें- ऐसे माता-पिता बच्चों के लिए शत्रु समान होते हैं, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचारश्लोक का अर्थ: नीति शास्त्र में वर्णित इस श्लोक का अर्थ है जो व्यक्ति लगातार मेहनत (परिश्रम और उद्यम) करता है, वह कभी दरिद्र यानी गरीब नहीं रहता है...