नई दिल्ली, मार्च 16 -- आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी प्राचीन काल में थीं। उन्होंने जीवन की हर छोटी-बड़ी समस्या का सटीक समाधान दिया है। चाणक्य नीति में मित्रों की पहचान और उनके साथ व्यवहार पर विशेष जोर दिया गया है। चाणक्य कहते हैं कि मित्र वह नहीं जो सिर्फ मीठी बातें करे, बल्कि वह है जो मुश्किल में साथ दे और आपके हित की बात करे। लेकिन कुछ मित्र ऐसे भी होते हैं, जो ऊपर से मीठे दिखते हैं, पर अंदर से जहर की तरह घातक होते हैं। इनसे दूरी बनाना ही जीवन की रक्षा है। आइए जानते हैं चाणक्य की इन नीतियों का सार और इनके पीछे छिपा गहरा अर्थ।ऐसे मित्र जहर के समान हैं चाणक्य नीति के दूसरे अध्याय के पांचवें श्लोक में कहा गया है:'परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम्॥' अर्थात जो ...