नई दिल्ली, अगस्त 1 -- 1 अगस्त 2026 की सुबह एक नई शुरुआत का संकेत लेकर आई है। आज का दिन मेहनत, धैर्य और सही सोच के साथ आगे बढ़ने का है। अगर आप भी धन, सम्मान और वैभव चाहते हैं, तो आचार्य चाणक्य की ये बातें आज ही अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें। चाणक्य नीति में दिए गए ये विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे।अपने हाथ से किया काम ही असली संपत्ति है आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य कुछ कर्मों से देवराज इंद्र के समान धन-वैभव हासिल कर सकता है। चाणक्य नीति का श्लोक है -स्वहस्तग्रथिता माला स्वहस्तघृष्टचंदनम्।स्वहस्तलिखितं स्तोत्रं शक्रस्यापि श्रियं हरेत्।। इसका अर्थ है कि अपने हाथ से गूंथी हुई माला, अपने हाथ से घिसा हुआ चंदन और अपने हाथ से लिखी हुई भगवान की स्तुति करने से मनुष्य इंद्र की संपत्ति को भी अपने वश में कर सकता है। चा...