नई दिल्ली, अगस्त 21 -- Putrada Ekadashi 2026 Mehtav: पुराण में सुना जाता है कि प्रायश्चित्तरूप पुण्य से पाप नष्ट होता है, इसलिए एकादशी के दिन व्रत करने से आपकी लाइफ में जो भी पाप करते हैं, वो समाप्त हो जाते हैं। ऋृषि लोमशजी ने राजा को इस एकादशी का महत्न बताया था। उन्होंने बताया था कि यह एकादशी संतान को देने वाली है। उन्होंने राजा को इस एकादशी का महत्व बताया और कहा कि श्रावण मासके शुकृपक्षमें जो एकादशी होती है, बह पुत्रदा के नाम से विख्यात है। वह मनोवाज्छित फल प्रदान करनेवाली है। इसके बाद राजा ने और प्रजा ने पुत्रदा एकादशी के ब्रत का अनुष्ठान किया। विधिपूर्वक जागरण भी किया और उसका निर्मल पुण्य राजा को दे द्विया। इसके बाद रानी ने गर्भ धारण किया और प्रसव का समय आने पर बलवान पुत्र को जन्म दिया। इसलिए इस एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। इ...