पूर्णिया, अगस्त 6 -- Purnia News: जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ प्रखंड की सौठा पंचायत में पैमाधार के उफान से एक बार फिर सैकड़ों किसानों की ढाई सौ एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है। लगातार खेतों में पानी भर जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि अररिया की ओर से आने वाली पैमाधार बरसात के मौसम में हर वर्ष उफान पर आ जाती है। नदी का पानी खेतों में फैलने से धान की रोपी गई फसल डूब जाती है। इस वर्ष भी किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ धान की रोपाई की थी, लेकिन अचानक जलभराव होने से फसल नष्ट होने लगी है। ग्रामीणों के अनुसार धान रोपाई का समय लगभग समाप्त हो चुका है। अधिकांश किसानों के पास तैयार बिचड़ा पहले ही उपयोग में आ चुका है। ऐसे में जिन खेतों की फसल डूब गई है, वहा...