नई दिल्ली, जनवरी 13 -- वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज अपनी बातों से कई लोगों को सही राह दिखाते हैं। अपने प्रवचन के दौरान वह कई ऐसी बातें कहते हैं जिसका पालन अगर कर लिया जाए तो जिंदगी की आधी से ज्यादा मुश्किलें खत्म हो सकती हैं। अपने एकांतित वार्तालाप के दौरान वह कई लोगों के सवालों का जवाब देते हैं। हाल ही में एक बच्चे ने उनसे एक दिल छू लेने वाला सवाल किया। बच्चे ने पूछा कि हमें कब-कब कठोर होना चाहिए? इस पर प्रेमानंद महाराज ने बड़े ही सरलता से अपनी बात रखी।अपने लिए बनो कठोर प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जगह-जगह पर अवसर पर किया जाता है। जिससे हमें लगे कि गलत है तो हम उसे कठोर करते हैं। कठोर हृदय से हम उसे सहते हैं। अब जहां हमारी कोई निंदा कर रहा है तो हम हमारे हृदय को कठोर कर लेते हैं। स्वभाव के कठोरता में स...