नई दिल्ली, जनवरी 7 -- Premanand Maharaj Latest: वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचन के दौरान जिंदगी और मृत्यु के बीच की चीजों को बड़ी ही आसानी से समझाते हैं। जीवन से पहले की दुनिया और इसके बाद की दुनिया को लेकर उन्होंने अब तक कई बातें बताई हैं। हाल ही में अपने एकांतित वार्तालाप के दौरान उन्होंने पाप और पुण्य को लेकर चर्चा की। एक श्रद्धालु ने उनसे पूछा कि जो हमसे पाप और पुण्य होते हैं उसका फल किसे मिलता है? इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने बड़ा ही प्यारा जवाब दिया। नीचे पढ़ें प्रेमानंद महाराज का जवाब...किसे मिलता है पुण्य-पाप का फल? प्रेमानंद महाराज ने कहा कि पहली बात तो आत्मा और जीव दो नहीं हैं। उसी को ध्याभिमान के कारण जीव कहा गया और देव भाव रहित होने पर वही आत्म स्वरूप है। आत्म स्वरूप ही परमात्म स्वरूप है। ये मन...