प्रयागराज, अगस्त 6 -- Prayagraj News: प्रयागराज, संवाददाता। प्रयागराज में हर वर्ष करीब 65 हजार मीट्रिक टन धान की भूसी निकलती है, लेकिन आज भी इसका अधिकांश उपयोग केवल बॉयलर, ईंट-भट्ठों और सीमित मात्रा में पशु चारे तक ही सिमटा हुआ है। यही भूसी जिले में हरित उद्योगों और रोजगार का बड़ा आधार बन सकती है।

धान की खरीद वर्ष 2025-26 में जिले में 2.88 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। मिलिंग के दौरान धान का लगभग 22 से 24 प्रतिशत हिस्सा भूसी के रूप में निकलता है। इस आधार पर जिले में 63 से 69 हजार मीट्रिक टन, यानी औसतन करीब 65 हजार टन भूसी हर साल उपलब्ध होती है।

वर्तमान स्थिति वर्तमान में राइस मिलें भूसी को ईंधन के रूप में बॉयलर संचालकों, ईंट-भट्ठों और कुछ पशु चारा कारोबारियों को बेच देती हैं। इससे मिलों को सीमित आय तो होती है, लेकिन इस कच्चे माल का स्...