प्रयागराज, जुलाई 29 -- Prayagraj News: प्रयागराज। प्रयागराज मंडल में अब खेती मिट्टी और जलवायु के अनुसार करने पर जोर दिया जाएगा। कृषि विभाग ने मंडल को तीन एग्रो-क्लाइमेटिक (कृषि-जलवायु) जोन में बांटा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए उपयुक्त फसलों और धान की प्रजातियों का चयन किया गया है। जोनवार खेती अपनाने से पैदावार बढ़ेगी और लागत घटेगी। कृषि विभाग के अनुसार जोन-5 (मध्य मैदानी क्षेत्र) में प्रयागराज का गंगापार इलाका और पूरा फतेहपुर जिला शामिल है। यहां बलुई दोमट, दोमट और मटियार मिट्टी पाई जाती है। इस क्षेत्र में धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, तिल, मूंगफली और अरहर की खेती उपयुक्त मानी गई है। सिंचित क्षेत्रों में पंत-24, शियाट्स धान-1, एमटीयू-7029 और पीबीटी-5204 धान की प्रजातियों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है。

जोन-8 के बारे में जानकारी जोन-8 (...