प्रयागराज, अक्टूबर 25 -- Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग के एक मामले में आरोपी को राहत देते हुए पूरी आपराधिक कार्यवाही और सम्मन आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में जातिसूचक गाली देने की तारीख, समय, स्थान, शब्द और पब्लिक व्यू तक का जिक्र नहीं, धमकी भी वोट न देने पर बेटी उठा लेने की जैसी निराधार है जबकि लड़की खुद 24 वर्षीय ग्रेजुएट है और अपनी मर्जी से प्रेमी से शादी कर चुकी है। मुख्य आरोप अपहरण का था, जिसे जांच अधिकारी ने खुद ही हटा दिया, फिर उसी सामग्री पर एक ही आरोपी को चार्जशीट करना मनमाना है। यह भी पढ़ें- पब्लिक व्यू में जातिसूचक गाली और जाति के कारण अपराध का तत्व ही नहीं, HC ने रद्द की SC/ST एक्ट की कार्रवाई यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने की अपील पर उसके अधिवक्ता अजय कुमार शुक्ल...