प्रयागराज, अगस्त 26 -- Prayagraj News: प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल में दो दिन से बिना इलाज के तड़प रहे अशोक सोनकर कोई लावारिस मरीज नहीं हैं, बल्कि सिविल लाइंस में बस स्टाप के पास उनका अपना मकान है। घर में पत्नी और तीन बेटे हैं। दो बेटे निजी व्यवसाय करते हैं लेकिन पता नहीं क्यों मुसीबत के समय अपनों ही उनसे दूरी बना ली है। मंगलवार को ट्रामा सेंटर के प्लास्टर कक्ष में स्ट्रेचर पर तड़प रहे अशोक ने एक कागज पर किसी तरह से लिखकर अपने बारे में जानकारी दी। गले में फोड़ा होने के कारण वे सही से बोल नहीं पाते। अशोक के अनुसार वे पहले किसी सीएमओ की निजी गाड़ी चलाते थे, जो महत्मा गांधी मार्ग पर रहते थे। हालांकि उन्हें सीमएओ का नाम नहीं पता है। अशोक के अनुसार घर के लोग अस्पताल लेकर आए थे लेकिन उन्हें छोड़कर चले गए।

मेडिकल सेवा की स्थिति सोमवार को दोपहर ती...