प्रयागराज, अगस्त 11 -- Prayagraj News: प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। आजादी के आंदोलन से लेकर देश की सत्ता के केंद्र तक प्रयागराज का कांग्रेस से पुराना रिश्ता रहा है। स्वराज भवन कांग्रेस की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा तो आनंद भवन ने भी पार्टी की राजनीतिक विरासत को मजबूत किया। पंडित जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर के बाद कांग्रेस का प्रयागराज से जुड़ाव धीरे-धीरे कमजोर होता गया। इसका असर चुनावी राजनीति में भी दिखाई दिया। अब राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे में कांग्रेस के इसी पुराने गढ़ को फिर से मजबूत करने की कोशिश दिखाई दी। राहुल गांधी आठ अगस्त को करीब पौने आठ घंटे प्रयागराज में रहे। इस दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा समय अपने घर स्वराज भवन में बिताया। खास बात यह रही कि स्वराज भवन में उनके रहने के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं और बाहरी ल...