नई दिल्ली, अगस्त 9 -- Pradosh Vrat Katha in hindi, प्रदोष व्रत कथा : इस साल सावन महीने का पहला प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है। सावन प्रदोष के दिन भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा संध्या काल में करने का विधान है। शाम से भगवान शिव को गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। 10 अगस्त के दिन श्रावण, कृष्ण त्रयोदशी तिथि का व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत रखने पर प्रदोष की कथा का पाठ करना जरूरी माना गया है। अगर आप ने व्रत नहीं भी रखा है तो प्रदोष काल में प्रदोष की कथा के श्रवण से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत पर सच्चे मन और श्रद्धा से की गई आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। आगे पढ़ें प्रदोष व्रत की कथा -Pradosh Vrat Katha: 10 अगस्त को सा...