नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- किसी भी मास की त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन होता है। इस बार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस व्रत से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों में कमी आती है।सही तिथि और समय हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल 2026 को शाम 6:51 बजे शुरू होगी और 29 अप्रैल 2026 को शाम 7:51 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, व्रत 28 अप्रैल मंगलवार को ही रखा जाएगा। प्रदोष काल सूर्यास्त के आसपास का समय होता है, जिसमें शिव पूजा का विशेष महत्व है।भौम प्रदोष व्रत का महत्व मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत क...