नई दिल्ली, फरवरी 28 -- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व होता है। प्रदोष व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना की जाती है। फाल्गुन माह का महीना चल रहा है, इस माह अंतिम प्रदोष खास महत्व रखता है क्योंकि यह होली से पहले आता है और वातावरण में भक्ति व उत्सव दोनों का भाव होता है। इस व्रत में भगवान शिव की कृपा पाने के लिए लोग पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।साथ ही उनकी प्रिय चीजें अर्पित करते हैं चलिए जानते हैं फाल्गुन माह का अंतिम प्रदोष व्रत कब है और इसकी पूजा विधि क्या है? 1 मार्च 2026 को है रवि प्रदोष व्रतफाल्गुन माह का अंतिम कल यानी 1 मार्च 2026 को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग मुताबिक शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 28 फरवरी की रात से हो रही है, जो 1 मार्च की शाम तक रहने व...