नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- सनातन धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक अत्यंत शक्तिशाली उपाय माना जाता है। हर महीने दोनों पक्षों में त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला प्रदोष काल शिव भक्ति का विशेष समय होता है। कथावाचक प्रदीप मिश्रा जी अपने प्रवचनों में प्रदोष व्रत की महिमा को बड़े ही सरल और भावपूर्ण तरीके से समझाते हैं। उन्होंने बताया कि अलग-अलग दिनों की प्रदोष अलग-अलग फल देती है और अगर पूरा व्रत न रख पा रहे हों, तो भी एक छोटा सा उपाय करके शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।अप्रैल माह का प्रदोष व्रत अप्रैल 2026 में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अप्रैल को है। पंचांग के अनुसार, यह तिथि 15 अप्रैल को रात 12:12 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 10:31 बजे समाप्त होगी। इसलिए प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। प्रदोष काल श...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.