नई दिल्ली, फरवरी 26 -- Pradosh Vrat 2026: सनातन धर्म में कई ऐसे व्रत होते हैं जिनका पौराणिक महत्व है और माना जाता है कि इनके जरिए जिंदगी में आने वाली हर बाधा खत्म होती है। ऐसे ही एक व्रत होता है जिसका नाम प्रदोष व्रत होता है। महीने में दो बार आने वाले प्रदोष व्रत की पूजा को काफी फलदायी माना जाता है। इसे हर महीने आने वाले कृष्ण शुक्ल और शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी तिथि पर ही रखा जाता है। इस खास दिन पर भगवान शिव और मां पार्वती को पूजा जाता है। फाल्गुन का महीना अब खत्म होने वाला है और इसमें पड़ने वाले आखिरी प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। बता दें कि ये प्रदोष व्रत मार्च के महीने में पड़ रहा है।कब है अगला प्रदोष व्रत? हिंदू पंचांग के हिसाब से अभी शुक्ल पक्ष चल रहा है और इस पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 28 फरवरी की रात से हो रही है और ये अगले दिन ...
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