नई दिल्ली, जून 12 -- 12 जून 2026 को यानी आज शुक्र प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना का एक विशेष अवसर है। इस दिन संध्या काल में शिव-पार्वती की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। लेकिन कई लोग यह नहीं जानते कि प्रदोष व्रत की पूजा शाम में ही क्यों की जाती है। इसके पीछे धार्मिक और आध्यात्मिक कारण छिपे हैं।प्रदोष व्रत का महत्व प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। इस व्रत को रखने और सही समय पर पूजा करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। शुक्रवार को पड़ने वाला यह प्रदोष व्रत धन, सुख और वैवाहिक सौभाग्य के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से बुध और शुक्र दोनों ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे आर्थिक स्थिति ...