पीलीभीत, अक्टूबर 8 -- Pilibhit News: पीलीभीत। बिलसंडा थाना अंतर्गत गांव लिलहर में 43 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर काम करने से मना करने को लेकर 17 साल पहले हुई मारपीट के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट नंबर-3 के पीठासीन अधिकारी मो. शहनवाज अहमद सिद्दीकी ने श्यामाचरन को धारा 323 में दोषी मानते हुए एक साल के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि प्रथम अपराध होने के कारण अदालत ने उसे यूपी फर्स्ट ऑफेंडर एक्ट के तहत प्रोबेशन का लाभ देते हुए सजा एक साल के लिए स्थगित कर दी। अभियोजन के अनुसार आठ अप्रैल 2009 को लिलहर निवासी पुत्तूलाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका बेटा लक्ष्मण मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाता है। श्यामाचरन और अन्य ने उसे 43 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर ...