पीलीभीत, अगस्त 26 -- Pilibhit News: पीलीभीत। एक हादसे में मां के आंचल से महरूम हो गई बिजनौर के नजीमाबाद से आई मादा हाथी अब जंगल में अकेली नहीं रही। अब दक्षिण भारत यानि कर्नाटक से लाई गई निसर्गा से उसकी पक्की दोस्ती हो गई हैं। एक दोस्त.. एक मां .. की तरह निसर्गा अब उमा उर्फ रोहिणी को स्नेह दुलार और अपनापन देने लगी हैं। सोहल वर्षीय निसर्गा की मादा हाथिनी से बॉडिंग बहुत गहरी हो गई है। माला के बाद उन्हें जंगल के अलग एरिया में घुमाया फिराया जा रहा है ताकि जंगल के बारे में और यहां के तौर तरीकों को सीखा जा सके। बिजनौर के नजीमाबाद वन प्रभाग से पिछले साल दो दिसंबर को मादा हाथी का जन्म हुआ था। उसकी मां के साथ हुए हादसे के बाद उसे यहां लाया गया था। कुल18 दिन की मादा हाथी को बीस दिसंबर को यहां लाया गया। यहां मुश्किलों के बीच पीटीआर ने परवरिश दी। पीटी...