पीलीभीत, अगस्त 25 -- Pilibhit News: बिलसंडा। नगर से सटे सिमबुआ गांव में गौरीशंकर मंदिर में चल रही श्रीरामकथा में सोमवार को कथाव्यास कृष्णकांत शास्त्री ने सूर्पणखा के हठ के बाद माता सीता के हरण की कहानी सुनाई। कथाव्यास नव सूर्पनखा के आगमन की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि मोहित होकर सुर्पनखा सीता को खाने दौड़ी, तब रामजी के इशारे पर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। सुर्पनखा रावण के दरबार में पहुंची और सारा वृतांत कहा। इधर रामजी ने सीता से कहा कि अब में नर लीला कंरुगा, आप अग्रिदेव में निवास करें, जब तक निशाचरों का नाश न कर दें। प्रतिशोध में रावण ने अपनी बहन के अपमान के रूप में पंचवटी से सीता हरण कर लिया।

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