नई दिल्ली, जून 17 -- राजस्थान विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही बड़े विवाद में घिरती नजर आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी इंटरव्यू सूची ने न केवल आरक्षण नीति के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह आशंका भी जन्म दे दी है कि कहीं पीएचडी में चहेते अभ्यर्थियों को बैक डोर से एंट्री देने की जमीन तो तैयार नहीं की जा रही। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विश्वविद्यालय के PhD अध्यादेश 124 (दिनांक 7 मार्च 2026) के बिंदु 5.6 में स्पष्ट लिखा है कि इंटरव्यू प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा, और प्रत्येक विभाग में सीटों का वर्गीकरण भी आरक्षण के अनुसार तय है, तो फिर इंटरव्यू सूची में यह स्पष्ट क्यों नहीं बताया गया कि किस श्रेणी की कितनी सीटें हैं और प्रत्येक वर्ग से कितने अभ्यर्थियों को इंटरव्यू...