नई दिल्ली, अगस्त 5 -- देश में पीएचडी डिग्रियों को लेकर लंबे समय से चली आ रही गड़बड़ियों की शिकायतों ने आखिरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। शिक्षा जगत में तय मानकों की अनदेखी की बढ़ती शिकायतों के बीच यूजीसी ने देश भर के विश्वविद्यालयों और पीएचडी कराने वाले स्वायत्त संस्थानों की व्यापक जांच शुरू कर दी है, और इसके नतीजे अब सामने आने लगे हैं। अब तक की जांच में कुल 92 विश्वविद्यालयों की पड़ताल पूरी हो चुकी है। इनमें से पांच विश्वविद्यालयों में इतने बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलीं कि यूजीसी ने उन्हें अगले पांच साल तक पीएचडी कराने से पूरी तरह रोक दिया है। यही नहीं, आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र इस प्रतिबंध की अवधि के दौरान इन संस्थानों में पीएचडी के लिए दाखिला लेता है, तो न सिर्फ उसका ...