प्रमुख संवाददाता, मई 21 -- बीएचयू अब साल में दो बार पीएचडी प्रवेश लेगा। इसके अलावा नेट और जेआरएफ के अर्ह अभ्यर्थियों के साक्षात्कार से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट की व्यवस्था भी की गई है। इससे अभ्यर्थी का रुझान और विषय विशेष में उसकी पकड़ के अनुसार शोध के विषय, निर्देशक और शीर्षक प्रदान करने में सुविधा होगी। बुधवार को बीएचयू की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन अहम प्रस्तावों पर मुहर लग गई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल (विद्वत परिषद) की बैठक विज्ञान संस्थान के महामना शताब्दी सभागार में हुई। यह भी पढ़ें- लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश की तैयारी यह भी पढ़ें- BHU में होंगे कई बदलाव, BA BEd शुरू, 4 साल की ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD कुलपति ने प्रवेश प्रक्रिया को छात्र केंद्रित, सुगम और अल्प अवधि की बनाने क...