कार्यालय संवाददाता, अगस्त 4 -- डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय ने पीएचडी की पांच सीटों के लिए प्राप्त 22 आवेदनों में से आठ निरस्त कर दिए। इस तरह करीब 36 फीसदी अभ्यर्थी प्रारंभिक जांच में ही बाहर हो गए। जांच में पाया गया कि इन अभ्यर्थियों ने अपनी शोध रूपरेखा (सिनॉप्सिस) में एआई से तैयार सामग्री का अत्यधिक उपयोग किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सभी आवेदनों की जांच टर्निटिन सॉफ्टवेयर के माध्यम से कराई गई। इस दौरान एआई इंडेक्स और समानता सूचकांक का परीक्षण किया गया। जांच में कई सिनॉप्सिस में 80 प्रतिशत तक सामग्री एआई से तैयार होने के संकेत मिले, जबकि कुछ में समानता सूचकांक भी निर्धारित सीमा से काफी...