प्रमुख संवाददाता, जुलाई 4 -- बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी की फीस बढ़ गई है। लोकभवन से जारी पीएचडी के नए रेगुलेशन में बढ़ी हुई फीस का उल्लेख किया गया है। पीएचडी करने वाले छात्रों को अब कोर्स करने के लिए दो हजार की बजाए आठ हजार रुपये देने होंगे। कोर्स वर्क के अलावे हर सेमेस्टर में अब छात्रों को तीन हजार रुपये देने होंगे। पहले सेमेस्टर में छात्रों को फीस नहीं देनी पड़ती थी। पीएचडी के छात्रों को शोध पूरा करने के लिए तीन से छह वर्ष तक का समय दिया गया है। अगर छात्र तीन वर्ष में पीएचडी पूरा करता है तो उसे 18 हजार और छह वर्ष में पूरा करता है तो 36 हजार रुपये जमा करने होंगे। इसके अलावा पीएचडी थीसिस जमा करने के समय भी उसे 10 हजार रुपये देने होंगे। अभी थीसिस जमा करने के समय आठ हजार रुपये जमा करने पड़ते हैं।री-रजिस्ट्रेशन के लिए सात मानकों...