नई दिल्ली, जुलाई 2 -- हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर ( एचबीटीयू ) ने शोधार्थियों के लिए पीएचडी प्रक्रिया बदल दी है। अब छात्र तीन वर्ष में ही थीसिस जमा कर सकेंगे। यह नियम फुल टाइम और पार्ट टाइम दोनों ही शोधार्थियों पर लागू होगा। इस पर एकेडमिक काउंसिल ने भी हमति जता दी है। संस्थान में पहले फुल टाइम शोधार्थियों के लिए पीएचडी पूरी करने की न्यूनतम अवधि तीन वर्ष और पार्ट टाइम शोधार्थियों के लिए चार वर्ष निर्धारित थी। शोध कार्य पूरा होने के बाद थीसिस जमा करने के लिए अलग से समय दिया जाता था। इससे छात्र दीक्षांत में भाग नहीं ले पाते थे। नए निर्णय से शोधार्थियों को राहत मिलेगी। इससे शोध कार्य में गति आएगी और समय पर डिग्री प्राप्त करने में आसानी होगी। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रोफेसर वंदना ने बताया नई व्यवस्था से दीक्षांत समारोह में अधिक सं...