कार्यालय संवाददाता, जून 5 -- PhD UGC Guidelines : एआई के बढ़ते इस्तेमाल और रिसर्च कार्यों में इसके दुरुपयोग को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पीएचडी थीसिस की जांच को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। यदि किसी थीसिस में 10 से 40 प्रतिशत तक नकल पाई जाती है, तो उसे संशोधन के लिए वापस कर दिया जाएगा। संशोधन के लिए लौटाई गई थीसिस को शोधार्थी छह माह के भीतर सुधार कर दोबारा जमा कर सकेंगे। यूजीसी के नियमों के अनुसार यदि किसी थीसिस में 40 से 60 प्रतिशत तक प्लेजरिज्म पाया जाता है, तो शोधार्थी को एक वर्ष तक थीसिस जमा करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। वहीं यदि साहित्यिक चोरी 60 प्रतिशत से अधिक पाई जाती है, तो शोधार्थी का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रद्द किया जा सकता है। यह भी पढ़ें- थीसिस अपलोड करने पर ही पीएचडी की डिग्री, क्या है नया नियमसुपर...