नई दिल्ली, फरवरी 25 -- मुंबई विश्वविद्यालय ने सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच एक चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत 644 पीएचडी शोधार्थियों का दाखिला रद्द कर दिया है। ये पीएचडी छात्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से पीएचडी करने के लिए तय की गई अधिकतम समय सीमा में अपनी रिसर्च पूरी नहीं कर पाए। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह कोई अचानक की गई या फिर सभी शोधार्थियों पर एक साथ की गई कार्रवाई नहीं है। बल्कि प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत तौर पर समीक्षा की गई और उन्हें नियमों पर खरा न उतरे पाए जाने पर पंजीकरण रद्द किया गया। एक ही शैक्षणिक सत्र में इतने बड़े पैमाने पर पीएचडी पंजीकरण रद्द किए जाने का यह पहला मामला है।10-10 साल से पीएचडी कर रहे छात्र, सीटें कर रखी ब्लॉक पीएचडी से जिन स्टूडेंट्स का नाम काटा गया है, उनमें कई 10 साल से अधिक समय से इसी को...
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