नई दिल्ली, अगस्त 27 -- नौकरीपेशा लोगों के बीच एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) की काफी अहमियत है। इस फंड का मुख्य मकसद सैलरी पाने वाले लोगों को रिटायरमेंट के लिए एक बड़ी रकम जमा करने में मदद करना है। सरकार की ओर से इस पर ब्याज भी दी जाती है। हालांकि, कई लोग ऐसे भी होते हैं जो समय से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रोविडेंट फंड की कुछ रकम को निकाल लेते हैं। कई ऐसे मौके होते हैं जब यह सही फैसला होता है। उदाहरण के लिए जिन कर्मचारियों पर होम लोन का बड़ा बोझ है, उनके लिए अपने EPF फंड का कुछ हिस्सा इस्तेमाल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस पैसे का इस्तेमाल बकाया लोन कम करने, कुल ब्याज का बोझ घटाने और वित्तीय दबाव को कम करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, EPF से पैसे निकालने की इजाजत कुछ तय शर्तों और निकासी की सीमाओं के अधीन ह...