नई दिल्ली, अप्रैल 18 -- केंद्र सरकार, प्रॉविडेंट फंड कवरेज के लिए सैलरी लिमिट बढ़ाने के प्रस्ताव पर फिर से विचार कर रही है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत सैलरी लिमिट को मौजूदा Rs.15000 से बढ़ाकर Rs.25000 या Rs.30000 प्रति माह तक किया जा सकता है। EPFO ​​के तहत अनिवार्य योगदान के लिए सैलरी लिमिट बढ़ाने से इसका दायरा बढ़ेगा और ज्यादा कामगार औपचारिक वर्कफोर्स में शामिल होंगे। इसके अलावा, कर्मचारियों का रिटायरमेंट फंड भी बढ़ेगा। यह भी पढ़ें- बेसिक सैलरी में भत्ते का मर्जर. रिटायर केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा तोहफा? हालांकि, कर्मचारियों के नियोक्ता की बैलेंस शीट पर कुछ दबाव पड़ सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि सैलरी लिमिट बढ़ाने से नियोक्ता पर बड़ा वित्तीय असर पड़ेगा। बता दें कि लंबे समय से सैलरी लिमिट को बढ़ाने की मांग हो रही थी। इस...