नई दिल्ली, मार्च 14 -- मेनोपॉज यानी माहवारी बंद होने की स्टेज। औसतन 45 से 55 साल की महिलाओं में मेनोपॉज होता है। जिसमे महिलाओं को पूरे एक साल तक लगातार पीरियड्स आने बंद हो जाते हैं। जिसकी वजह से शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। कई सारे फिजिकल और साइकोलॉजिकल लक्षण नजर आते हैं जैसे हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, मोटापा, हड्डियों की कमजोरी, ऑर्थराइटिस, नींद की कमी, डिप्रेशन। ये सारे लक्षण लगभग सभी महिलाओं में देखने को मिलते हैं। लेकिन पीरियड्स बंद होने से पहले ही महिलाओं को कई सारे लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं। जिसे पेरिमेनोपॉज कहते हैं। पेरिमेनोपॉज के लक्षण कई बार इतने कॉमन और छोटे होते हैं कि ज्याादतर महिलाएं इन पर ध्यान ही नहीं देतीं। लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट अमिता गदरे ने सोशल मीडिया पर पेरिमेनोपॉज से जुड़े इन छोटे-छोटे लक...
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