लखनऊ, फरवरी 26 -- आगामी 15 मार्च को कांशीराम की जयंती पर समाजवादी पार्टी द्वारा 'पीडीए दिवस' मनाने की घोषणा के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने इस दिन को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) एकता के संदेश के रूप में मनाने की बात कही है, वहीं बहुजन समाज पार्टी ने इसे राजनीतिक दिखावा करार दिया है। बसपा का कहना है कि सपा का इतिहास दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग और बहुजन समाज के महापुरुषों के सम्मान के अनुरूप नहीं रहा है। बसपा प्रमुख मायावती ने बयान जारी कर कहा कि कांशीराम की जयंती पर पीडीए दिवस मनाने की घोषणा सपा की 'राजनीतिक नाटकबाजी' है।गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाई उन्होने आरोप लगाया कि सपा समय-समय पर उपेक्षित वर्गों के वोट हासिल करने के लिए प्रतीकात्मक कार्यक्रम करती रही है, जबकि उसके शासनकाल में इन वर्गों को अपेक्षित सम्मान और सुरक्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.