नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- Tap kitne prakar ke hote hai: पर्युषण अपनी आत्मा की आराधना-उपासना और मनोरंजन का पर्व है। यह 08-15 सितंबर तक मनाया जाएगा। यह आठ कर्म राशियों के दहन का पर्व है। पर्युषण के ये आठ दिन जाति, कुल, गोत्र, ऐश्वर्य, पद, ज्ञान आदि दंभों के दमन और शमन के दिन हैं। यह पर्व भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी से भाद्रपद शुक्ल पंचमी तक सामूहिक रूप से जप, तप, त्यागपूर्वक मनाया जाता है। भाद्रपद मास में प्रकृति की सरसता शिखर पर होती है। धरती का कण-कण सरसब्ज होता है। पत्रों-पुष्पों से वृक्ष-लताएं समृद्ध होती हैं। सर्वत्र सहज आनंद, सहज उल्लास, सहज उत्सव का वातावरण होता है। ऐसी सुखद वेला में निरंतर आठ दिनों तक 'पर्युषण' की आराधना की जाती है। यह भी पढ़ें- चाणक्य नीति: धोखा और नुकसान से बचने के लिए इन 5 लोगों से हमेशा रखनी चाहिए दूरीपर्युषण पर्व के न...