पलामू, अक्टूबर 12 -- Palamu News: मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। इप्टा एवं प्रगतिशील लेखक संघ के नेतृत्व में संयुक्त रूप से संचालित सांस्कृतिक पाठशाला की 107वीं कड़ी में, लोकतांत्रिक गणराज्य में आंदोलन, विषयक संवाद में वक्ताओं ने जनतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, सामाजिक भेदभाव समाप्त करने व नागरिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए आंदोलन को जरूरी बताया। संवाद की शुरुआत करते हुए प्रेम प्रकाश ने कहा कि आंदोलन का अर्थ केवल धरना, जुलूस व प्रदर्शन नहीं है। हर दृष्टि से गतिशील रहना, स्वयं से लेकर पड़ोस और सत्ता तक संवाद करना भी आंदोलन का हिस्सा है। प्रेम भसीन एवं गोविंद प्रसाद की संयुक्त अध्यक्षता में कार्यक्रम में ललन प्रजापति ने कहा कि जब छुआछूत और ऊंच-नीच को परंपरा के नाम पर स्वीकार किया जाता है, तब आंदोलन की आवश्यकता बढ़ जाती है। युवा कवि घनश्याम कुमार न...