पाकुड़, अक्टूबर 9 -- Pakur News: डांगापाड़ा गांव की वैष्णवी दुर्गा पूजा का इतिहास देश की आजादी से भी पुराना है। वर्ष 1939 से यहां मां दुर्गा की पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ होती आ रही है। करीब आठ दशक से अधिक समय से चली आ रही यह पूजा आज भी ग्रामीणों की आस्था और एकजुटता का प्रतीक बनी हुई है। पूजा मंडप की स्थापना में स्व. रामस्वरूप भगत, लखीचंद राम, सरयू प्रसाद साह, गाजर मियां, युगल सेन एवं शहदेव सेन समेत अन्य गणमान्य ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इन्हीं लोगों के प्रयास से प्रतिमा स्थापित कर मां दुर्गा की विधिवत पूजा शुरू की गई थी। पूजा के प्रथम पुरोहित मोहनपुर निवासी स्व. रिखी दुबे उर्फ ऋषि दुबे थे। उनके द्वारा बांग्ला पद्धति से पूजा-अर्चना शुरू कराई गई। जो आज भी परंपरा के रूप में जारी है। यह भी पढ़ें- Bokaro News: वीणा परिषद मेला ट...