पाकुड़, अक्टूबर 25 -- Pakur News: महेशपुर, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के किसानों का मुख्य आजीविका का श्रोत कृषि है। राज्य गठन के बाद से अबतक सिंचाई की स्थायी व मुक्कमल व्यवस्था नहीं हो पाई है। यह कृषकों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। महेशपुर क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर प्रखंड कृषि प्रधान इलाका है। यहां के कुल आबादी का आधे से अधिक लोग कृषि कार्य पर आधारित हैं। कृषकों को अन्नदाता की संज्ञा दी गई है। सिंचाई की स्थायी व्यवस्था का नहीं हो पाना इन अन्नदाताओं को अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए एड़ी-चोटी एक करना विवश्ता बनी हुई है। बताते चलें कि महेशपुर प्रखंड की स्थापना 01 अप्रैल 1955 को हुई थी। यह भी पढ़ें- धार में 2,387 करोड़ की सिंचाई परियोजना का उद्घाटन प्रखंड का कुल क्षेत्रफल 44,372 है। इस क्षेत्र की तकरीबन 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर आश्रित है। अ...