पाकुड़, अक्टूबर 9 -- Pakur News: न्यायपालिका से जीत मिलने के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही किस हद तक भारी पड़ सकती है, इसकी बानगी पाकुड़ में देखने को मिल रही है। साल 2014 में रानी ज्योतिर्मय स्कूल से सेवानिवृत्त हुईं शिक्षिका कृष्णा कुमारी वेतन वृद्धि की राशि सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं मिल पाई है। खास बात यह है कि इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला शिक्षिका के पक्ष में आया था, जिससे करीब 10 से 12 अन्य शिक्षकों को भी राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ था, लेकिन विभागीय सुस्ती के कारण आज भी फाइलें अटकी हुई हैं। ​वेतन वृद्धि का था मामला...

इंक्रीमेंट कटौती और परिवार की परेशानी ​शिक्षिका के पति भुवनेश्वर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि तत्कालीन समय में शिवेंदु कुमार के कार्यकाल के दौरान शिक्षकों का एक इंक्रीमेंट काट लिया गया था। आरोप है कि इस दौरान कार्...