पाकुड़, अक्टूबर 3 -- Pakur News: महेशपुर, एक संवाददाता। आश्विन माह की अष्टमी तिथि पर मनाया जाने वाला जितिया व्रत शनिवार को मनाया गया। 02 अक्टूबर को नहाय-खाय हुआ। 03 अक्टूबर को महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रहीं। यह निर्जला उपवास 24 से 36 घंटे का होता है। व्रत का समापन 04 अक्टूबर की सुबह पारण के साथ किया जाएगा। मान्यता है कि यह कठिन व्रत माताएं अपने पुत्रों के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सलामती के लिए करती हैं। यह व्रत हर वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी से नवमी तिथि तक मनाया जाता है। व्रत के प्रारंभिक दिन नहाय-खाय की परंपरा पुरी हुई। जिसमें व्रती महिलाओं ने सात्विक भोजन ग्रहण किया। जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका के नाम से भी जाना जाता है। यह भी पढ़ें- Ghatsila News: वेब: संतान की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने किया जितिया व्रतमहाभारत म...