उरई, अगस्त 19 -- Orai News: कालपी। संवाददाता रोक के बावजूद नदियों में मछली का शिकार जारी है जिससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है।शासन के नियमानुसार 1 जून से 31 अगस्त तक नदी और जलाशयों मे मछली का शिकार प्रतिबन्धित होता है क्योंकि इस दौरान उनका प्रजनन काल होता है लेकिन इसका धार्मिक महत्व भी है। आस्थावान सावन और भादौ माह में मछलियों को खिलाने मे पुण्य मानते हैं। इसी के चलते लोग नदी पोखरों में उन्हें खिलाने जाते हैं जिसकी बानगी बेतवा तट स्थित परासन गांव में देखी जा सकती है लेकिन यहा न तो शासन के नियमों का असर है और न ही लोग धार्मिक आस्था को मान रहे हैं।आलम यह है कि प्रतिबंध के बावजूद यमुना और बेतवा में खुलेआम शिकार किया जाता है‌। आस्थावान दिव्य गोपाल श्रीवास्तव, उमा कान्त तिवारी, गोपाल जी, राजू पाठक, राजेश द्विवेदी, राजू कोष्टा, शिवम पाठक, विवेक...