उरई, अक्टूबर 9 -- Orai News: जालौन, संवाददाता। चौधरयाना स्थित गुप्ता भवन में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला सहित अन्य प्रसंगों का श्रवण कर भावविभोर हो उठे।कथा वाचक डॉ. शिव संपत द्विवेदी ने गोवर्धन पर्वत लीला की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर धारण किया था। उन्होंने बताया कि उस समय इंद्र देव ने घमंड में आकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार वर्षा कराई थी, जिससे जन-जीवन संकट में पड़ गया था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने समस्त ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाकर उन्हें उसके नीचे आश्रय दिया। यह लीला हमें सिखाती है कि भगवान अपने भक्तों की हर परिस्थिति में रक्षा करते हैं और अहंकार का अंत निश्चित है। गो...