उरई, जुलाई 29 -- Orai News: जालौन। संवाददाता गुरु पूर्णिमा के मौके पर मंदिरों, घरों एवं गुरुओं की समाधी स्थलों पर धार्मिक आयोजन आयोजित किए गए। नगर के मंदिरों में भक्तों ने पूजा-पाठ किया। जगह जगह प्रसाद वितरण व भंडारे का आयोजन किया गया।आषाढ़ का महीना पूजा-पाठ का महीना माना जाता है। इसीलिए इस महीने के अंतिम पखवाड़े में शुक्ल पक्ष में घरों में कुल के देवी, देवताओं की पूजा होती है। एक पखवाड़े तक पूजा होने के बाद आषाढ़ी पूर्णिमा को पूजा-पाठ का समापन होता है। अषाढ़ी पूर्णिमा अथवा गुरु पूर्णिमा को भक्त अपने गुरू की पूजा-अर्चना कर भंडारा आदि का कार्यक्रम आयोजित करते हैं। पंडित देवेंद्र दीक्षित बताते हैं कि गुरु शिष्य परंपरा के सम्मान और संस्कार व्यक्त करने का पवित्र दिवस गुरु पूर्णिमा है। यह भी पढ़ें- Jhansi News: ..गुरु ब्रह्मा, ..गुरु विष्णु, ..गुरु...