उरई, अक्टूबर 7 -- Orai News: जालौन। संवाददाता किसी भी व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए, अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। कंस ने अहंकार किया तो उसका सर्वनाश हो गया। यह बात मोहल्ला चौधरयाना में आयोजित साप्ताहिक भागवत कथा में कथा वाचक डॉ. शिव संपत द्विवेदी ने कही।मोहल्ला चौधरयाना में गुप्ता भवन पर आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक डॉ. शिव संपत द्विवेदी ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। कंस की कारागार में वासुदेव-देवकी के भादो मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की ल...