नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- निर्जला एकादशी साल की सबसे कठिन एकादशी मानी जाती है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग न कुछ खाते हैं और न ही पानी पीते हैं। इसलिए इसे बाकी सभी एकादशियों से अलग और ज्यादा कठिन माना जाता है। फिर भी लोग इस व्रत को बड़ी श्रद्धा से रखते हैं, क्योंकि मान्यता है कि इसका फल बहुत बड़ा होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति पूरे साल की एकादशी नहीं रख पाता, तो वह सिर्फ निर्जला एकादशी रखकर भी उतना ही पुण्य पा सकता है। यही वजह है कि इस व्रत का इंतजार लोग पूरे साल करते हैं।कब है निर्जला एकादशी 2026 पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और 25 जून को रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। व्रत हमेशा उदय तिथि के हिसाब से रखा जाता है, इसलिए इस बार निर्जला एकादशी 25 जून, गुरुवार को र...