नई दिल्ली, अगस्त 29 -- राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) में 2018 से अब तक 3172 विद्यार्थी ऐसे हैं, जो परीक्षा पास करने के बाद भी अपना अंकपत्र नहीं ले गए। पब्लिक परीक्षा के विद्यार्थियों को अंकपत्र उनके शिक्षण संस्थान से मिलता है, जबकि ऑन डिमांड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का अंकपत्र उनके पते पर भेजा जाता है। इसके बावजूद कई विद्यार्थी इसे रिसीव नहीं कर रहे हैं।जानें क्या है वजह एनआईओएस अधिकारियों के अनुसार अंकपत्र नहीं लेने वाले विद्यार्थियों में अधिकतर ऐसे हैं, जिन्होंने दो संस्थानों में प्रवेश लिया है। दोनों जगह परीक्षा देने के बाद जिस संस्थान में अधिक अंक आते हैं, वहीं का अंकपत्र विद्यार्थी लेते हैं। कम अंक वाले अंकपत्र को लेने में रुचि नहीं दिखाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई विद्यार्थी अंक बढ़वाने के उद्देश्य...