नई दिल्ली, अगस्त 7 -- एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का सपना लिए हर साल करीब 21-22 लाख विद्यार्थी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी देते हैं। लेकिन सीटें बेहद कम होने के चलते ज्यादातर के सपने टूट जाते हैं। बहुत से तो दो या तीन बार ड्रॉप ईयर लेकर नीट देते हैं लेकिन फिर भी उनका एमबीबीएस सीट पाने का सपना साकार नहीं हो पाता। और वे आखिरकार हिम्मत हार जाते हैं और कोई दूसरा आसान रास्ता चुन लेते हैं। लेकिन यहां हम आपको ऐसे छात्र की कहानी बताने जा रहे हैं नीट के एक दो नहीं बल्कि चार अटेम्प्ट दिए। और फिर आखिरकार अपनी मंजिल पा ली। राकिब अकुंजी की सफलता की कहानी संघर्ष, दृढ़ संकल्प और हार न मानने वाले जज्बे की एक बेहतरीन मिसाल है। राकिब ने नीट (2022) के चौथे प्रयास में 720 में से 695 अंक हासिल कर ऑल इंडिया 202वीं रैंक हासिल की। उन्हें गुजरात के सरकारी बीजे मेड...