नई दिल्ली, जुलाई 30 -- आज लाखों युवा सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं और इसके लिए सालों तक मेहनत करते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने सबसे बड़े लक्ष्य के लिए सुरक्षित सरकारी नौकरी छोड़ने का साहस दिखाते हैं। पश्चिम बंगाल की रहने वाली स्मृतिलेखा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने पोस्ट ऑफिस की केंद्रीय सरकारी नौकरी छोड़ दी और NEET की तैयारी में जुट गईं। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने NEET UG 2026 में 720 में 603 अंक हासिल कर डॉक्टर बनने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया।कौन है स्मृतिलेखा स्मृतिलेखा पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के पाउशी गांव की रहने वाली हैं। वह एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं और 12वीं तक की पढ़ाई बंगाली माध्यम से की। उनकी मां रीता गिरी और पिता बिमल कुमार गिर...