नई दिल्ली, अगस्त 29 -- 19 साल की कबिता हिकाका अपने आदिवासी समुदाय से पहली डॉक्टर बनने जा रही हैं। कबिता ओडिशा के रायगढ़ा जिले के बिस्समकटक ब्लॉक की कोंध जनजाति समुदाय से ताल्लुख रखती हैं। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और बमुश्किल रोजाना 300 रुपये कमाते हैं। तमाम आर्थिक दिक्कतों के बीच उन्होंने नीट यूजी 2026 में शानदार प्रदर्शन कर अच्छी रैंक हासिल की और अब उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट अलॉट हुई है। अपने समाज से नीट पास करने वाली वह पहली छात्रा हैं। कबिता ने इस साल NEET UG में एसटी कैटेगरी रैंक 137 और स्टेट रैंक 4,027 हासिल की है। सहाड़ा गांव के रहने वाले लाबा और कमला हिकाका की बेटी कबिता को कोरापुट स्थित एसएलएन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में MBBS की सीट मिली है। उन्हें कॉलेज में दाखिले के लिए सीट अलॉटमेंट लेटर जारी हो चुका है...