नई दिल्ली, जून 19 -- लोकसभा में NDA ताकत बढ़ सकती है। इसकी वजह हाल ही में हुई तृणमूल कांग्रेस में टूट और शिवसेना यूबीटी में बगावत है। हालांकि, इसके बाद भी सत्तारूढ़ गठबंधन का दो तिहाई तक पहुंचना मुश्किल लग रहा है। हालांकि, विपक्ष के कुछ और दल अगर एनडीए का समर्थन करते हैं, तो सरकार के लिए संविधान संशोधन बिलों की राह आसान हो सकती है।DMK से हो रही है बात खबरें हैं कि मॉनसून सत्र के दौरान सरकार परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास कराने की कोशिश कर सकती है। कम समर्थन के चलते अप्रैल में यह बिल पास नहीं हो सका था। अब कहा जा रहा है कि NDA एमके स्टालिन की अगुवाई वाले द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम के संपर्क में है, लेकिन डीएमके ने अब तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। खास बात है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद DMK और कांग्रेस का गठबंधन टूट ग...