नवादा, जुलाई 27 -- Nawada News: आषाढ़ शुक्ल पक्ष की हरिशयनी यानी देवशयनी एकादशी के पावन पर्व के साथ ही रविवार से सनातन परंपरा का पवित्र चातुर्मास विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है। शनिवार को भगवान श्रीहरि विष्णु के क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन होने के कारण अगले 119 दिनों तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और यज्ञोपवीत यानी जनेऊ जैसे सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर पूर्ण विराम लग गया है। अब आगामी 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागरण के साथ ही पुनः मांगलिक कार्यों की गूंज सुनाई देगी। देवउठनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास का समापन होगा और नवंबर के अंतिम सप्ताह से शुभ विवाह का नया लगन-सीजन शुरू हो जाएगा। ​ यह भी पढ़ें- Chaturmas 2026: चातुर्मास में राशि अनुसार करें ये 12 उपाय, घर में आएगी सुख-समृद्धि और खुशहालीचातुर्मास की पावन...